UPI Charges 2026: UPI पर क्या चार्ज लगेगा? जानिए पूरी जानकारी

आजकल छोटी से छोटी खरीदारी से लेकर हजारों रुपये के भुगतान तक, ज्यादातर लोग UPI का इस्तेमाल करते हैं। दुकान पर QR Code स्कैन किया और पेमेंट हो गया। इसी वजह से जब भी UPI Charges की खबर सामने आती है, तो लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि “क्या अब UPI से पैसे भेजने पर भी पैसा कटेगा?”

अच्छी बात यह है कि आम UPI यूजर्स के लिए ऐसा नहीं है। 15 सितंबर 2026 को जारी किए गए UPI Merchant Discount Rate (MDR) से जुड़े FAQ के मुताबिक, नया शुल्क ढांचा मुख्य रूप से Merchant यानी दुकानदार या कारोबारी को मिलने वाले कुछ UPI payments पर लागू होगा। यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली है।
चलिए इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।

UPI Charges क्या है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि यहां जिस UPI Charges की बात हो रही है, वह MDR (Merchant Discount Rate) है।

सरल शब्दों में कहें तो कुछ परिस्थितियों में जब कोई ग्राहक किसी व्यापारी को UPI से पेमेंट करता है, तो उस payment को process करने के लिए merchant side पर एक छोटा charge लगाया जाएगा।

इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहक को UPI इस्तेमाल करने के लिए अलग से फीस देनी होगी।

क्या UPI से पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?

नहीं।

अगर आप अपने दोस्त, परिवार के किसी सदस्य या अपने ही दूसरे बैंक खाते में UPI से पैसे भेज रहे हैं, तो इस व्यवस्था के तहत आपसे कोई transaction charge नहीं लिया जाएगा।

यानी Person-to-Person (P2P) UPI payment पहले की तरह free रहेगा।

उदाहरण के लिए आपने अपने भाई को ₹5,000 भेजे या अपने एक बैंक खाते से दूसरे खाते में ₹10,000 transfer किए, तो इस MDR के कारण कोई extra charge नहीं लगेगा।

क्या दुकान पर QR Code स्कैन करने पर पैसा कटेगा?

ग्राहक के नजरिए से नहीं।

आप किसी दुकान पर जाएं, वहां QR Code स्कैन करें और सामान के लिए UPI से payment करें, तो इस MDR के कारण ग्राहक से कोई अलग शुल्क नहीं लिया जाएगा। FAQ में साफ कहा गया है कि consumer-facing UPI payments पर कोई transaction fee नहीं होगी।

इसलिए सिर्फ ₹3,000 या ₹5,000 का QR payment करने की वजह से आपके बैंक खाते से अलग से UPI charge कटने की बात नहीं है।

₹2,000 तक के UPI Payment पर क्या होगा?

₹2,000 तक के पात्र P2M transactions पर MDR नहीं लगाया जाएगा।

यानी रोजमर्रा की छोटी खरीदारी करने वाले लोगों के लिए यह बदलाव ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है। FAQ के मुताबिक ₹2,000 तक के छोटे UPI transactions, कुल P2M transaction volume का 95% से ज्यादा हिस्सा हैं।

₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर कितना UPI Charge लगेगा?

यहीं से merchant MDR की बात शुरू होती है।

PDF के अनुसार ₹2,000 से अधिक के पात्र Person-to-Merchant (P2M) UPI transactions पर 0.4% MDR निर्धारित किया गया है।

इसे एक आसान उदाहरण से समझिए:

अगर payment ₹3,000 है, तो 0.4% के हिसाब से MDR ₹12 होगा।

अगर payment ₹50,000 है, तो MDR ₹200 होगा।

और अगर payment ₹75,000 या उससे ज्यादा है, तो maximum MDR ₹300 रहेगा।

Payment AmountMDR
₹2,000₹0
₹3,000₹12
₹50,000₹200
₹75,000 या अधिकअधिकतम ₹300

ध्यान रखें कि यह merchant-side MDR है, ग्राहक से लिया जाने वाला UPI transaction charge नहीं।

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छोटे दुकानदारों को भी UPI Charges देना होगा?

जरूरी नहीं।

छोटे व्यापारियों के लिए P2PM category की अलग व्यवस्था दी गई है। इस category में आने वाले छोटे merchants, जो UPI QR के जरिए महीने में ₹1 लाख तक receive करते हैं, zero MDR के दायरे में रहेंगे।

इसका फायदा छोटे दुकानदारों, स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे कारोबारियों को होगा, ताकि उन्हें डिजिटल payment स्वीकार करने के लिए अतिरिक्त processing cost का बोझ न उठाना पड़े।

अगर छोटे दुकानदार को ₹2,000 से ज्यादा का payment मिले तो?

यहां एक बात ध्यान देने वाली है।

सिर्फ किसी एक customer से ₹2,000 से ज्यादा payment मिलने का मतलब यह नहीं है कि छोटे merchant पर तुरंत MDR लग जाएगा। FAQ के अनुसार MDR की applicability merchant की category पर निर्भर करेगी।

अगर merchant exempted P2PM category में आता है, तो सिर्फ payment amount ₹2,000 से अधिक होने के कारण MDR नहीं लगेगा।

₹75,000 या ₹1 लाख के UPI Payment पर कितना चार्ज होगा?

बड़े amount के payment में एक maximum limit रखी गई है।

₹75,000 या उससे ज्यादा के पात्र P2M transaction पर MDR ₹300 से ज्यादा नहीं होगा।

उदाहरण के लिए ₹1 लाख का payment लें। 0.4% के हिसाब से ₹400 बनता है, लेकिन लागू cap के कारण MDR ₹300 तक ही रहेगा।

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क्या UPI Apps कोई Platform Fee ले सकते हैं?

FAQ के अनुसार UPI app providers को UPI payment पर Platform Fee या कोई अन्य charge लगाने की अनुमति नहीं होगी।

इसलिए UPI Charges की खबर पढ़कर यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर UPI payment पर app अलग से फीस काटना शुरू कर देंगे।

क्या UPI AutoPay पर भी चार्ज लगेगा?

PDF के अनुसार UPI Mandate और AutoPay transactions पर prescribed MDR लागू नहीं होगा।

इसमें बिजली-पानी जैसे recurring bills, OTT subscriptions और recurring investments जैसे automated payments शामिल हैं।

पेट्रोल पंप पर UPI Payment करने पर क्या होगा?

Fuel payments के लिए अलग flat-rate व्यवस्था बताई गई है।

₹2,000 से ज्यादा के qualifying fuel payment पर ₹5 का flat MDR लागू होगा, जबकि ₹2,000 तक के payment पर MDR 0% रहेगा।

यह charge merchant-side framework का हिस्सा है, इसलिए इसे ग्राहक के UPI payment charge के रूप में नहीं समझना चाहिए।

Insurance Premium पर कितना UPI Charge होगा?

Insurance premium payments के लिए भी special rate बताया गया है।

₹2,000 से ज्यादा के qualifying insurance payment पर ₹5 flat MDR लागू होगा।

बिजली और पानी के बिल पर क्या चार्ज लगेगा?

कुछ public utility payments के लिए भी flat-rate व्यवस्था दी गई है।

₹2,000 से अधिक के qualifying electricity और water जैसे utility payments पर ₹5 flat MDR बताया गया है, जबकि ₹2,000 तक के transactions पर MDR शून्य रहेगा।

क्या Credit Card को UPI से लिंक करके किए गए Payment पर यही नियम लगेगा?

यह थोड़ा अलग मामला है।

RuPay Credit Card से जुड़े UPI payments या bank credit line वाले transactions को अलग credit-product rules के तहत रखा गया है। PDF में बताया गया है कि यह MDR framework मुख्य रूप से direct user-account-to-merchant-account UPI transactions पर लागू होता है।

UPI Charges कब से लागू होंगे?

दिए गए FAQ के अनुसार finalized MDR framework 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।

इससे पहले banks, payment aggregators और fintech platforms को अपने software, billing और payment systems को update करने का समय दिया गया है।

सबसे जरूरी बातें एक नजर में

अगर पूरी खबर पढ़ने का समय नहीं है तो ये बातें याद रखें:

₹2,000 तक: पात्र P2M transaction पर MDR नहीं।

₹2,000 से अधिक: पात्र P2M transaction पर 0.4% MDR।

₹75,000 या अधिक: अधिकतम MDR ₹300।

P2P UPI: free।

ग्राहक द्वारा QR Code payment: कोई अलग transaction fee नहीं।

P2PM छोटे merchant: निर्धारित ₹1 लाख monthly collection सीमा तक zero MDR।

कुछ special sectors: ₹5 flat MDR की व्यवस्था।

लागू होने की तारीख: 15 अक्टूबर 2026।

निष्कर्ष

तो कुल मिलाकर UPI Charges को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि अब हर UPI payment पर ग्राहक से पैसे कटेंगे। दिए गए FAQ के अनुसार ऐसा नहीं है।

नया MDR framework मुख्य रूप से कुछ merchant-side P2M transactions के लिए है। आम ग्राहक पहले की तरह UPI से पैसे भेज सकता है, किसी को receive कर सकता है और QR Code के जरिए payment कर सकता है, बिना इस MDR के कारण अलग transaction fee दिए।

UPI Charges या इससे जुड़े नियमों में आगे कोई बदलाव आता है तो जानकारी के लिए RBI, NPCI और Ministry of Finance की आधिकारिक सूचनाओं को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा, क्योंकि UPI Charges को लेकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी भी फैल सकती है।

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